परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
तुम्हारी यादों में मेरा अक्स झिलमिलाता होगा,
मन्नतें और मिन्नतें कुछ काम नहीं आतीं,
क्योंकि रोने पर कोई आंसू पोंछने वाला नहीं आता।
खुदा ने जीना मुस्कील किया और लोगो ने मरना…!
आपकी एक छोटी-सी प्रतिक्रिया हमारे लिए बड़ी प्रेरणा है।
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो Sad Shayari in Hindi सिर्फ तमाशा है
लेकिन आँख बंद करते ही इरादे बदल जाते है…
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता
मेरी सच्ची बातों को भी उसने झूठ ही माना।
देखते है पहले कौन मिलता है, हमे दोनो का इंतजार है
दुखी मन के लिए दो लाइन की शायरी क्या है?
लोगो में अफवाह है के लड़के रोते नही है…!